आगरा। सुभाष बाजार में बारिश के दौरान दुकान ढहने के दर्दनाक हादसे के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि जिस जर्जर दुकान में हादसा हुआ, उसकी मरम्मत की अनुमति कई बार मांगी गई थी, लेकिन नगर निगम से मंजूरी नहीं मिलने के कारण समय पर मरम्मत नहीं हो सकी। हादसे के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश है।
व्यापारियों का कहना है कि बाजार की कई दुकानें वर्षों पुरानी हैं और उनकी स्थिति जर्जर हो चुकी है। समय रहते मरम्मत की अनुमति मिल जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था। उनका आरोप है कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी और लापरवाही की कीमत लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
हादसे के बाद व्यापारियों ने नगर आयुक्त का घेराव कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नगर आयुक्त ने स्वीकार किया कि शिकायतें मिली थीं और पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि लगातार बारिश के बीच सुभाष बाजार में नाले के ऊपर बनी दुकान ढह गई थी, जिसमें कई लोग मलबे में दब गए थे। राहत एवं बचाव दल ने घंटों अभियान चलाकर लोगों को बाहर निकाला, जबकि एक महिला की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे बाजार में दहशत का माहौल है।
अब व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि बाजार की सभी जर्जर इमारतों का तत्काल सर्वे कराया जाए और मरम्मत एवं पुनर्निर्माण की अनुमति की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।