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Wednesday, 08 Jul 2026
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संस्कृति विश्वविद्यालय: इंजीनियरिंग में करियर की नई उड़ान, एआई से साइबर सिक्योरिटी तक मिल रहे आधुनिक कोर्स

मथुरा। इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया तेज हो गई है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपने बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए इंजीनियरिंग शिक्षा की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में संस्कृति विश्वविद्यालय छात्रों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के माध्यम से उज्ज्वल करियर की दिशा प्रदान कर रहा है।

संस्कृति विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग के डीन डॉ. पंकज गोस्वामी ने बताया कि फिजिक्स और गणित विषयों के साथ इंटरमीडिएट उत्तीर्ण विद्यार्थी इंजीनियरिंग की किसी भी कोर शाखा में प्रवेश लेकर अपना भविष्य संवार सकते हैं। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक तकनीक और उद्योगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने समय रहते अपने पाठ्यक्रमों को आधुनिक बनाया है।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में पारंपरिक इंजीनियरिंग शाखाओं के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन, फुल स्टैक डेवलपमेंट, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, डेवऑप्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे अत्याधुनिक स्पेशलाइजेशन भी उपलब्ध हैं। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को वैश्विक रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करना है।

डॉ. गोस्वामी ने बताया कि संस्कृति विश्वविद्यालय ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उद्योगों के साथ एमओयू (MoU) किए हैं, जिससे विद्यार्थियों को इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है। इससे छात्र पढ़ाई के दौरान ही उद्योगों की कार्यशैली से परिचित हो जाते हैं और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करते हैं।

उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डेवलपर, टेक्निकल विशेषज्ञ बनने के साथ-साथ सरकारी उपक्रमों में भी करियर बना सकते हैं। इसके अलावा वे GATE, UPSC, SSC जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर देश की सेवा भी कर सकते हैं। विश्वविद्यालय के कई पूर्व छात्र आज देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों और सरकारी संस्थानों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं।

संस्कृति विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष, रोजगार योग्य और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। विश्वविद्यालय आधुनिक शिक्षा, अनुभवी फैकल्टी और उद्योगों से जुड़ाव के माध्यम से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।

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