झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बड़ागांव गेट चौकी प्रभारी और एक सिपाही को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मी पहले ही शिकायतकर्ता से 60 हजार रुपये वसूल चुके थे, लेकिन इसके बावजूद और पैसे की मांग कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता संजीव राय के दो बेटों और उनके तीन दोस्तों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। उनका आरोप है कि घटना के समय उनके बेटे मौके पर मौजूद नहीं थे और इसके समर्थन में उन्होंने पुलिस को साक्ष्य भी दिए थे। इसके बावजूद चौकी प्रभारी और सिपाही ने मुकदमे से नाम हटाने के नाम पर पहले 60 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद भी दोनों पुलिसकर्मी लगातार 40 से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त रिश्वत की मांग करते रहे। काफी मिन्नतों के बाद मामला 10 हजार रुपये में तय हुआ।
लगातार हो रही कथित वसूली से परेशान होकर पीड़ित ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही शिकायतकर्ता ने चौकी पर 10 हजार रुपये दिए, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने चौकी प्रभारी और सिपाही को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एंटी करप्शन अधिकारियों का कहना है कि सरकारी पद का दुरुपयोग कर रिश्वत मांगने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।