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Sunday, 05 Jul 2026
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मथुरा में 51 पंजीकृत गौशालाएं, सिर्फ 33 को मिल रहा सरकारी अनुदान

गौ संरक्षण को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में मथुरा जनपद की गौशालाओं की स्थिति सामने आई है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले में 51 गौशालाएं पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल 33 गौशालाओं को ही सरकारी अनुदान मिल रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गौ संरक्षण नीति के तहत मथुरा जनपद में गौशालाओं के संचालन और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र नारायण शुक्ला ने जनपद की गौशालाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में मथुरा में 51 गौशालाएं पंजीकृत हैं, जिनका संचालन विभिन्न एनजीओ और ट्रस्ट कर रहे हैं। इनमें से 33 गौशालाओं को ही पशुपालन विभाग की ओर से सरकारी अनुदान दिया जा रहा है। जबकि कई बड़े ट्रस्ट अपनी गौशालाओं का संचालन स्वयं के संसाधनों से कर रहे हैं और सरकारी सहायता नहीं लेते।

डॉ. शुक्ला ने बताया कि जनपद में करीब 48 अपंजीकृत गौशालाएं भी संचालित हैं। इनमें अधिकांश छोटी गौशालाएं हैं, जहां 20 से 25 गायों का पालन किया जाता है। कई बड़ी गौशालाएं भी अभी तक पंजीकरण नहीं करा सकी हैं। इसके पीछे भूमि संबंधी अभिलेखों की कमी, आवश्यक दस्तावेजों का अभाव और कुछ मामलों में संचालकों के निधन जैसी प्रशासनिक समस्याएं प्रमुख कारण हैं।

उन्होंने बताया कि जनपद में 59 अस्थायी एवं स्थायी गौशालाएं भी संचालित हैं। वहीं नगर निगम की कान्हा गौशाला सहित अन्य गौशालाओं का संचालन नगर निगम, नगर पंचायत और ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया जाता है। पशुपालन विभाग भी इन गौशालाओं में पशुओं की देखभाल और संचालन में सहयोग करता है।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायतों में संचालित गौशालाओं के लिए चारे एवं रखरखाव के मद में प्रति गाय प्रतिमाह 50 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है।

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