हरिद्वार में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए हर की पैड़ी पर व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास के दौरान अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ने और भगदड़ मचने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें कई श्रद्धालुओं के गंगा में बह जाने का परिदृश्य तैयार कर राहत एवं बचाव एजेंसियों की तत्परता का परीक्षण किया गया।
प्रदेशव्यापी मॉक ड्रिल के तहत हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित आपदा कंट्रोल रूम से सूचना फ्लैश की गई कि हर की पैड़ी पर अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ने से भगदड़ मच गई है और 15 से 20 श्रद्धालु गंगा में बह गए हैं। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों ने राफ्टिंग बोट की मदद से गंगा में फंसे लोगों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं मेडिकल टीम ने मौके पर ही घायलों को प्राथमिक उपचार दिया और आवश्यकता अनुसार उन्हें आगे की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की।
मॉक ड्रिल के संचालन के लिए प्रशासन की ओर से ऋषिकुल मैदान में स्टेजिंग एरिया बनाया गया, जहां विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर पूरे अभियान का संचालन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और राहत कार्यों की प्रभावशीलता का परीक्षण करना था।