मथुरा/गोकुल। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की पावन स्थली गोकुल को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में यमुना तट पर 'वासुदेव वाटिका' का निर्माण कराया जाएगा, जहां श्रद्धालु और पर्यटक आधुनिक तकनीक के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की लीलाओं और उनसे जुड़ी स्मृतियों का सजीव अनुभव कर सकेंगे।
प्रस्तावित वासुदेव वाटिका में श्रीकृष्ण के जन्म के बाद वसुदेव द्वारा उन्हें यमुना पार कर गोकुल लाने, नंद-यशोदा के घर उनके पालन-पोषण तथा बाल लीलाओं से जुड़े प्रसंगों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को ब्रज संस्कृति और श्रीकृष्ण की लीलाओं को समझने का नया अनुभव मिलेगा।
परियोजना का उद्देश्य गोकुल को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाना है। इसके निर्माण से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।
प्रशासन और संबंधित विभागों का मानना है कि मथुरा-वृंदावन के बाद गोकुल के विकास की यह महत्वपूर्ण परियोजना ब्रज क्षेत्र की धार्मिक विरासत को नई पहचान देगी और श्रद्धालुओं को एक अनूठा आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगी।