Please wait we are preparing awesome things...

Saturday, 20 Jun 2026
ई-पेपर संस्करण
www.abhinews.co.in
उत्तर प्रदेश संस्करण
PAGE - 01
संपूर्ण समाधान दिवस में गूंजी जनता की आवाज, एडीएम और एसपी ग्रामीण ने सुनीं 47 शिकायतें

महावन तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अंबरीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने की। समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, विकास, पूर्ति एवं अन्य विभागों से जुड़ी कुल 47 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से कुछ का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

समाधान दिवस में अबेरनी गांव निवासी किसान चंद्रभान सिंह ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि लेखपाल द्वारा उनकी खतौनी में नाम दर्ज नहीं किया जा रहा है। साथ ही उन्हें ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा भी नहीं मिला है। उन्होंने प्रशासन से न्याय दिलाने की मांग की।

महावन निवासी दिव्यांग महिला मीना देवी ने राशन कार्ड निरस्त होने की शिकायत करते हुए बताया कि लंबे समय से उन्हें सरकारी राशन नहीं मिल रहा है और समस्या के समाधान के लिए उन्हें बार-बार पूर्ति विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

वहीं मौजा नगला विजई निवासी दलवीर ने गांव के चकरोड़ में जलभराव की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि रास्ते में पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में टीम गठित होने के बावजूद अभी तक कोई अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने नहीं पहुंचा।

ग्राम पंचायत हसनपुर निवासी शिव सिंह ने गांव के श्मशान घाट, पोखर और पशु दाह केंद्र की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराते हुए भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की। वहीं बिजहारी निवासी छिदू सिंह ने नर्सिंग कॉलेज की मान्यता दिलाने के नाम पर छह लाख रुपये की कथित ठगी का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि धनराशि लेने के बावजूद न तो मान्यता दिलाई गई और न ही पैसा वापस किया गया, जबकि पुलिस में शिकायत देने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।

अपर जिलाधिकारी अंबरीष कुमार ने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जांच कर निर्धारित समय सीमा में उनका निस्तारण कराया जाए, ताकि लोगों को न्याय मिल सके और शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था कायम रहे।

Previous News

संपूर्ण समाधान दिवस में उमड़ी फरियादियों की भीड़, 44 शिकायतों में 5 का मौके पर निस्तारण

Next News

मथुरा के संस्कार पब्लिक स्कूल में राष्ट्रीय रेफरी सेमिनार का शुभारंभ, देशभर से पहुंचे 120 प्रतिभागी