मांट। फ्रंट ऑफिस व्यवस्था के विरोध में रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में चल रहा धरना-प्रदर्शन बुधवार को नौवें दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, मुंडी टाइप राइटरों एवं ई-स्टाम्प विक्रेताओं ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों एवं हाल ही में जारी आदेशों के खिलाफ हल्ला बोलते हुए अपनी एकता का प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ता चरन सिंह ने सरकार द्वारा लागू की जा रही फ्रंट ऑफिस व्यवस्था की कड़ी आलोचना करते हुए संबंधित आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के हितों के खिलाफ है, बल्कि आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
दस्तावेज लेखक डॉ. वीरपाल सिंह ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के दस्तावेज लेखक और अधिवक्ता इस मुद्दे पर एकजुट हैं और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, टाइपिस्ट एवं ई-स्टाम्प विक्रेता मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने और विवादित आदेश को वापस लेने की मांग की।
इस अवसर पर दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी गोपाल अग्रवाल ने कहा कि सभी हड़ताली आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इस निर्णय से पूरे प्रदेश में लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी और करोड़ों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।