पंजाब की राजनीति में इन दिनों बड़ा सियासी घमासान देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आम आदमी पार्टी और उसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। रंधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग करते हुए सवाल उठाया है कि यदि मान खुद इस्तीफा नहीं देते तो क्या अरविंद केजरीवाल उनसे पद छोड़ने को कहेंगे।
दरअसल, हाल ही में अकाल तख्त ने एक विवादित वीडियो मामले को लेकर भगवंत मान को "गुरु-द्रोही" और "खालसा पंथ विरोधी" करार दिया था। अकाल तख्त की ओर से सिख समुदाय को मुख्यमंत्री से सामाजिक और धार्मिक दूरी बनाए रखने की अपील भी की गई है। इस फैसले के बाद पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और विपक्ष लगातार मुख्यमंत्री पर दबाव बना रहा है।
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि अकाल तख्त का फैसला केवल राजनीतिक नहीं बल्कि करोड़ों सिखों की आस्था और भावनाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में किसी मौजूदा मुख्यमंत्री के खिलाफ इस तरह की गंभीर धार्मिक टिप्पणी बेहद असाधारण और चिंताजनक है। रंधावा का कहना है कि मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और सिख समुदाय से माफी भी मांगनी चाहिए।
कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए कहा है कि अकाल तख्त जैसे सर्वोच्च धार्मिक संस्थान के फैसले को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पार्टी नेताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने से बच रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने अरविंद केजरीवाल से भी अपना रुख साफ करने की मांग की है।
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है और जल्द ही पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने रखी जाएगी।
अब यह मामला केवल धार्मिक विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पंजाब की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री भगवंत मान, आम आदमी पार्टी और विपक्षी दलों के रुख पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।