कोसीकलां में निकासे के दौरान हुई दर्दनाक मौत के मामले में बुधवार को उस समय स्थिति सामान्य हुई, जब प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद पीड़ित परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गया। मृतक के परिजनों ने पहले अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था और कस्बा प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले में निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
घटना की जानकारी मिलते ही कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी, उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी छाता, इंस्पेक्टर कोसीकलां सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और परिजनों के बीच काफी देर तक वार्ता चली, जिसमें परिवार ने अपनी मांगों और शिकायतों को विस्तार से रखा। इस दौरान प्रशासन ने परिवार को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
अधिकारियों के आश्वासन और जनप्रतिनिधियों के समझाने-बुझाने के बाद परिजनों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया और अंतिम संस्कार के लिए सहमति दे दी। कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में प्रशासन और समाज पूरी तरह परिवार के साथ खड़ा है।
मौके पर पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही। प्रशासन ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद मृतक का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराया गया।