चित्रकूट से करीब दो माह पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए नगर पालिका कर्मचारी को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। पालिकाकर्मी मथुरा-वृंदावन के एक आश्रम में सेवा करते हुए मिले। जांच में सामने आया कि वह अपनी इच्छा से वृंदावन आए थे और अपहरण की आशंका निराधार पाई गई।
वीओ:
नगर पालिका चित्रकूट धाम कर्वी के कर्मचारी जगदीश प्रसाद के लापता होने का मामला आखिरकार सुलझ गया है। करीब दो माह पहले घर से लापता हुए जगदीश प्रसाद को चित्रकूट पुलिस ने मथुरा-वृंदावन स्थित गौतम ऋषि आश्रम से सकुशल बरामद कर लिया।
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के अनुसार 19 अप्रैल को जगदीश प्रसाद के पुत्र ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल और अन्य संभावित स्थानों पर उनकी तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
बाद में परिजनों की शिकायत पर अपहरण की आशंका के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। इसी दौरान जगदीश के साले को वृंदावन से सूचना मिली कि वह एक आश्रम में रह रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम वृंदावन पहुंची और गौतम ऋषि आश्रम में जगदीश प्रसाद को भंडारे में सेवा करते हुए बरामद कर लिया।
पूछताछ के दौरान जगदीश प्रसाद ने बताया कि वह अपनी मर्जी से वृंदावन आए थे और आश्रम में रहकर सेवा कार्य कर रहे थे। पुलिस जांच में अपहरण की आशंका गलत पाई गई है।
मामले के खुलासे के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है और पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है।