मथुरा में शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए फर्जी दस्तावेज लगाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने दो सगे भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जैंत थाना क्षेत्र के नगला बहादुर निवासी अरुण कुशवाहा और योगेश कुशवाहा पर आरोप है कि उन्होंने हथियार लाइसेंस हासिल करने के लिए पुलिस लाइन का फर्जी फायरिंग प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र लगाया था। जांच में दस्तावेज नकली पाए जाने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार, दोनों भाइयों ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। प्रारंभिक जांच के बाद फाइल एसएसपी कार्यालय भेजी गई, जहां दस्तावेजों की गहन पड़ताल के दौरान फायरिंग प्रमाण-पत्र पर संदेह हुआ। इसके बाद प्रमाण-पत्र की सत्यता जांचने के लिए फाइल पुलिस लाइन भेजी गई।
जांच में पुलिस लाइन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वहां से जारी किए जाने वाले फायरिंग प्रमाण-पत्र हाथ से लिखे जाते हैं, जबकि आवेदकों द्वारा जमा किया गया प्रमाण-पत्र टाइप किया हुआ था। इसके अलावा दस्तावेज में कई अन्य विसंगतियां भी सामने आईं, जिससे उसके फर्जी होने की पुष्टि हो गई।
फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि शस्त्र लाइसेंस जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की जालसाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मामले की जांच उपनिरीक्षक सुधीर राठी को सौंपी गई है। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी प्रमाण-पत्र किसने तैयार किया और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई की जा सकती है।
इस खुलासे के बाद प्रशासन ने शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी सभी लंबित फाइलों की जांच और सख्त करने के संकेत दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगाई जा स