Please wait we are preparing awesome things...

Sunday, 14 Jun 2026
ई-पेपर संस्करण
www.abhinews.co.in
उत्तर प्रदेश संस्करण
PAGE - 01
शिमला की यात्रा बनी आखिरी सफर, प्रयागराज में एक साथ उठीं चार दोस्तों की अर्थियां - पति की आखिरी निशानी से लिपटकर रोती रही पत्नी

प्रयागराज में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां एक पल में छीन लीं। शिमला घूमने निकले चार दोस्तों की उन्नाव के पास एक भीषण सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। गंगा एक्सप्रेसवे पर उनकी कार एक खड़े ट्रक से टकरा गई और चारों दोस्तों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह खबर जैसे ही परिवारों तक पहुंची, हर घर में मातम छा गया।

शनिवार को जब शव प्रयागराज पहुंचे तो पूरे इलाके का माहौल गमगीन हो गया। लेकिन सबसे भावुक दृश्य अनुपम गुप्ता के घर में देखने को मिला। सफेद कफन में लिपटे पति के शव के पास बैठी पत्नी प्रिया बार-बार रोते हुए एक ही बात कह रही थीं— "ये चूड़ियां वही लाए थे... मैं इन्हें कैसे उतारूं?" उनकी यह दर्दभरी पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

हिंदू परंपरा के अनुसार पति की मृत्यु के बाद पत्नी के सुहाग के प्रतीक चिन्ह उतारे जाते हैं। जब परिवार की महिलाओं ने प्रिया की चूड़ियां उतारने की कोशिश की तो वह फूट-फूटकर रोने लगीं। बताया गया कि ये वही नई चूड़ियां थीं जो कुछ समय पहले अनुपम उनके लिए लाए थे। इस दर्दनाक पल ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।

सबसे मार्मिक क्षण तब आया जब अंतिम संस्कार से पहले अनुपम के हाथ की उंगली से आखिरी बार प्रिया की मांग में सिंदूर भरवाया गया। इसके बाद उनकी मांग का सिंदूर पोंछा गया और चूड़ियां उतारी गईं। यह दृश्य देखकर परिवार, रिश्तेदार और पड़ोसी सभी भावुक हो उठे।

इस हादसे में जान गंवाने वाले चारों दोस्त अलग-अलग व्यवसाय से जुड़े थे और वर्षों से गहरे मित्र थे। प्रयागराज की भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए वे शिमला घूमने निकले थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। जो दोस्त हंसते-मुस्कुराते घर से निकले थे, वे वापस लौटे तो एंबुलेंस में।

इस हादसे ने सिर्फ चार जिंदगियां नहीं छीनीं, बल्कि चार परिवारों के सपने, एक पत्नी का सुहाग, माता-पिता का सहारा और कई अपनों की खुशियां भी अपने साथ ले गया। प्रयागराज में हुई यह अंतिम विदाई लोगों की आंखों में लंबे समय तक आंसू छोड़ गई।

Previous News

ब्रज कला चौपाल के चार वर्ष पूर्ण, सांस्कृतिक संध्या में बिखरे कला, संगीत और संस्कृति के रंग

Next News

गंगा दशहरा पर झाड़ी वाले हनुमान जी मंदिर में सजेगा भक्ति का महासंगम, 35वें वार्षिकोत्सव की तैयारियां तेज