उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं। 5 जून 1972 को उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गांव में जन्मे योगी आदित्यनाथ का मूल नाम अजय सिंह बिष्ट था। युवावस्था में ही उन्होंने सांसारिक जीवन का त्याग कर सन्यास का मार्ग चुना और आगे चलकर गोरक्षपीठ के महंत तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
योगी आदित्यनाथ ने गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में स्नातक की पढ़ाई की। वर्ष 1993-94 के दौरान गोरखपुर पहुंचने पर उनकी मुलाकात गोरक्षपीठ के तत्कालीन महंत अवैद्यनाथ से हुई। 22 वर्ष की आयु में उन्होंने दीक्षा लेकर संन्यास ग्रहण किया और अजय सिंह बिष्ट से योगी आदित्यनाथ बन गए।
राजनीति में उनका प्रवेश वर्ष 1998 में हुआ, जब वे गोरखपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर मात्र 26 वर्ष की उम्र में देश के सबसे युवा सांसदों में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने लगातार पांच बार लोकसभा चुनाव जीतकर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की।
योगी आदित्यनाथ को हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की राजनीति का प्रमुख चेहरा माना जाता है। सांसद रहते हुए उन्होंने पूर्वांचल में अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2017 में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद 2022 में भी भाजपा के नेतृत्व में जीत हासिल कर उन्होंने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जो प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।
मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश और धार्मिक पर्यटन को लेकर लगातार चर्चा में रहे हैं। उनके समर्थक उन्हें विकास और सख्त प्रशासन का प्रतीक मानते हैं, जबकि आलोचक उनकी नीतियों पर सवाल भी उठाते रहे हैं।
इस वर्ष उनका जन्मदिन विश्व पर्यावरण दिवस के साथ पड़ रहा है। इस अवसर पर उन्होंने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान की शुरुआत कर प्रदेशवासियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।