देश के स्वर्ण भंडार को लेकर इन दिनों सियासी और आर्थिक गलियारों में बहस छिड़ी हुई है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशी मुद्रा भंडार को संभालने के लिए करीब 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचा है। इस खबर के सामने आते ही राजनीति गरमा गई और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा ने देश का "स्वर्ण मान" बेच दिया है। उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया गया है। उनकी इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।
हालांकि इस पूरे विवाद के बीच RBI ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सोना बेचने की खबरें गलत हैं और उसके भौतिक स्वर्ण भंडार में कोई कमी नहीं आई है। केंद्रीय बैंक के अनुसार भारत का स्वर्ण भंडार 880.52 टन पर यथावत बना हुआ है। RBI ने लोगों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
वहीं, Press Information Bureau (PIB) की फैक्ट चेक इकाई ने भी इन दावों को "फेक" बताया है। PIB के अनुसार भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी पिछले महीनों में बढ़ी है, घटी नहीं। सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में चल रही बातें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
RBI और PIB की सफाई के बावजूद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। विपक्ष सरकार से आर्थिक हालात को लेकर जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार और केंद्रीय बैंक लगातार यह दोहरा रहे हैं कि देश के स्वर्ण भंडार में कोई कमी नहीं हुई है और सोना बेचने की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं।