जम्मू-कश्मीर के डोडा और किश्तवाड़ जिलों में भारी बारिश के बीच बादल फटने की घटनाओं ने हालात गंभीर बना दिए हैं। डोडा के ठठरी क्षेत्र और किश्तवाड़ के सरथल व माछीपाल इलाकों में अचानक आई फ्लैश फ्लड (सैलाब) से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। तेज बहाव के साथ आए मलबे और पत्थरों ने कई सड़कों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया। कई स्थानों पर भूस्खलन होने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा।
सबसे ज्यादा असर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-244 (किश्तवाड़-डोडा हाईवे) पर पड़ा, जहां भूस्खलन और भारी मलबा जमा होने के कारण सड़क कई जगहों से बंद हो गई। अचानक आए पत्थरों और मलबे की वजह से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और यात्रियों को बीच रास्ते में फंसना पड़ा। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत कार्य चला रही हैं तथा फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए मशीनें और कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, डोडा और किश्तवाड़ में हुई इन बादल फटने की घटनाओं के बाद फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की स्थिति बनी, लेकिन राहत की बात यह है कि अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। हालांकि खराब मौसम, तेज हवाओं और लगातार बारिश के चलते प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। दोनों जिलों में आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।