क्या आप भी सोचते हैं कि आयुष्मान कार्ड बनते ही अस्पताल का हर खर्च पूरी तरह मुफ्त हो जाता है? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दरअसल, आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाला ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज केवल उन मरीजों के लिए लागू होता है जिन्हें अस्पताल में भर्ती यानी एडमिट किया जाता है।
योजना के तहत ओपीडी फीस, सामान्य ब्लड टेस्ट, एक्स-रे और कई रोजमर्रा की जांचों का खर्च मरीज को खुद उठाना पड़ सकता है। इसके अलावा कॉस्मेटिक या प्लास्टिक सर्जरी, दांतों का इलाज और विटामिन-कैल्शियम जैसी कई दवाइयां भी इस योजना के दायरे में शामिल नहीं हैं।
इतना ही नहीं, आयुष्मान कार्ड हर अस्पताल में मान्य नहीं होता। इसका लाभ केवल उन्हीं सरकारी और निजी अस्पतालों में मिलेगा जो सरकार के पैनल में शामिल हैं। ऐसे में इलाज कराने से पहले यह जरूर जांच लें कि संबंधित अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़ा है या नहीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि योजना के नियमों की सही जानकारी न होने के कारण कई मरीजों को अस्पताल में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। इसलिए अस्पताल जाने से पहले योजना की शर्तों और सुविधाओं की पूरी जानकारी लेना बेहद जरूरी है, ताकि बाद में परेशानी और जेब पर बोझ न पड़े।