रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट द्वारा अब्दुल्ला आजम के दो पैनकार्ड मामले में सजा बढ़ाए जाने के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कोर्ट में मौजूद भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने अदालत के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह देशभर के अपराधियों के लिए एक बड़ा संदेश है।
उन्होंने कहा कि न्यायालय का यह निर्णय साबित करता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और न्यायपालिका पूरी मजबूती के साथ कानून का पालन कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मामले में आजम खां और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम से जुड़े प्रकरण में अदालत ने पहले दी गई सात वर्ष की सजा को बढ़ाकर दस वर्ष कर दिया है। साथ ही पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने कहा कि यह फैसला न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता और मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णयों से आम जनता का न्यायपालिका पर विश्वास और मजबूत होगा।