नरहौली गांव में बुधवार रात एक शादी समारोह उस समय बवाल में बदल गया जब बरात चढ़ाने के दौरान अचानक मारपीट और पथराव शुरू हो गया। इस घटना में दूल्हे के पिता समेत करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। वहीं सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में महिलाएं लाठी लेकर पुलिसकर्मियों और लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटती नजर आ रही हैं।
बताया गया कि नरहौली गांव निवासी भगवान सिंह ने अपनी बेटियों लक्ष्मी और पूनम की शादी बरसाना निवासी नेमचंद्र के बेटों अशोक और कुलदीप के साथ तय की थी। बुधवार रात करीब 10 बजे नरहौली चौराहे से बरात चढ़ रही थी। डीजे पर बाराती डांस कर रहे थे और ट्रैक्टर पर युवतियां भी नृत्य कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की तस्वीर कुछ लोगों द्वारा तोड़ दी गई, जिसके बाद बरातियों और ठाकुर समाज के लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला मारपीट और पथराव में बदल गया।
बवाल के दौरान दूल्हे के पिता समेत कई लोग घायल हो गए और मौके पर भगदड़ मच गई। आरोप है कि उपद्रवियों ने कई वाहनों के साथ दूल्हों की बग्घी में भी तोड़फोड़ कर दी। सूचना मिलने पर दस थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया।
दुल्हन के पिता भगवान सिंह ने आरोप लगाया कि हमला सोची-समझी साजिश के तहत किया गया। वहीं दूल्हा अशोक का कहना है कि बरातियों को पीटने के बाद उन पर पथराव किया गया और जातिसूचक गालियां दी गईं। घटना की जानकारी मिलने पर दोनों दुल्हनें भी मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने घर में घुसकर दहेज का सामान तोड़ दिया, जबकि पुलिस ने भी खाना खा रहे बरातियों के साथ मारपीट की।
दूसरी ओर ठाकुर पक्ष का कहना है कि डांस को लेकर बराती पहले आपस में ही भिड़ गए थे। विरोध करने पर बरातियों ने पथराव शुरू कर दिया। घटना के बाद एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार, एडीएम एफआर पंकज वर्मा, एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र और एसपी ट्रैफिक राजेश तिवारी भारी पुलिस बल के साथ देर रात तक मौके पर डटे रहे ताकि दोबारा तनाव की स्थिति न बने।