देशभर में चर्चा में रहे NEET UG पेपर लीक मामले में CBI ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, लातूर स्थित RCC कोचिंग क्लासेज के डायरेक्टर शिवराज मोटेगावकर ने पेपर लीक के लिए WhatsApp या PDF जैसे सामान्य तरीकों का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि एक अलग और सुनियोजित रणनीति अपनाई।
CBI की जांच में सामने आया है कि 3 मई की मुख्य परीक्षा से पहले, 27 अप्रैल को कोचिंग संस्थान में एक विशेष मॉक टेस्ट आयोजित किया गया था। इस दौरान छात्रों को हस्तलिखित नोट्स पर आधारित लगभग 60 पन्नों की एक PDF दी गई थी, जिसमें दिए गए कई प्रश्न कथित तौर पर बाद में आयोजित NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए।
जांच एजेंसियों को कुछ ऐसे वीडियो भी मिले हैं, जिनमें आरोपी परीक्षा से जुड़े दावे करता दिख रहा है। इन सबूतों के आधार पर CBI ने मामले की जांच और तेज कर दी है और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।