ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार नौतपा 25 मई से 2 जून तक रहेगा, इस दौरान भीषण गर्मी अपने चरम पर होगी और तापमान नए रिकॉर्ड बना सकता है। मान्यता है कि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो पृथ्वी पर सूर्य की किरणें सीधी पड़ने से गर्मी तेज हो जाती है। इस वर्ष सूर्य 25 मई को रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा और 2 जून तक नौतपा का प्रभाव रहेगा।
नौतपा को लेकर ज्योतिष में इसे अत्यधिक गर्मी का काल माना जाता है, जिसे मानसून के “गर्भकाल” के रूप में भी देखा जाता है। इस दौरान लू, तेज धूप और गर्म हवाओं का असर बढ़ सकता है। वहीं कुछ मान्यताओं के अनुसार यदि इस अवधि में बारिश हो जाए तो आने वाले समय में वर्षा पर प्रभाव पड़ सकता है।
धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार नौतपा के दौरान सुबह जल्दी उठकर सूर्य को अर्घ्य देना, अधिक पानी पीना, दही, छाछ, नारियल पानी जैसे ठंडक देने वाले पदार्थों का सेवन करना लाभकारी माना जाता है। वहीं दोपहर में धूप से बचने और अनावश्यक यात्रा से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दौरान सूर्य उपासना, मंत्र जाप और जल दान करना शुभ माना जाता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह समय वर्ष का सबसे गर्म दौर होता है, जिसमें लू और हीटवेव का खतरा बढ़ जाता है।