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Sunday, March 3, 2024

फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित 47 वर्षीय मरीज को मिला नया जीवन, मैक्स अस्पताल पटपड़गंज में सफल इलाज

फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित 47 वर्षीय मरीज को मिला नया जीवन, मैक्स अस्पताल पटपड़गंज में सफल इलाज

मुरादाबाद: फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित 47 वर्षीय मरीज का मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पटपड़गंज, नई दिल्ली में सफलतापूर्वक इलाज किया गया. मुरादाबाद के रहने वाले मरीज धर्मवीर सिंह को स्टेज 4 का लंग्स कैंसर था. इस केस की सफलता के बारे में जानकारी देते हुए लोगों को अवेयर करने के मकसद से मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज ने आज यहां एक सत्र आयोजित किया. साथ ही इस मौके पर मुरादाबाद के साईं अस्पताल के साथ मिलकर एक ओपीडी भी लॉन्च की गई. ये ओपीडी सेवा हर महीने के दूसरे व चौथे शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक चलेगी.

ओपीडी लॉन्च के मौके पर मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज में मेडिकल ऑन्कोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉक्टर रजत साहा मौजूद रहे. उनके साथ कैंसर मरीज धर्मवीर सिंह भी रहे जिनका मैक्स पटपड़गंज में सफल इलाज किया गया.

केस के बारे में जानकारी देते हुए डॉक्टर रजत साहा ने बताया, ‘’नवंबर 2022 में धर्मवीर सिंह को स्टेज 4 का फेफड़ों का कैंसर डायग्नोज हुआ था. इस केस को ट्यूमर बोर्ड मीटिंग में डिस्कस किया गया और उन्हें मैक्स अस्पताल पटपड़गंज में ही दिसंबर 2022 से फरवरी 2023 तक इंट्रावीनस कीमोथेरेपी दी गई. इसके साथ जब PET CT स्कैन किया गया तो मरीज की हालत में सुधार नजर आया. इसमें मॉलिक्यूलर टेस्टिंग का काफी अहम रोल रहा. मॉलिक्यूलर टेस्टिंग मुख्यतः EGFR (एपिडर्मल ग्रोथ फैक्टर रिसैप्टर) का विश्लेषण होता है जिससे धर्मवीर सिंह के जीन्स में डिफेक्ट होने का पता चला.’’

मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों की टीम ने इसके बाद अपने इलाज में कुछ बदलाव किया और EGFR डिफेक्ट को टारगेट करने के लिए टैबलेट थेरेपी दी गई, और साथ में कीमोथेरेपी भी चलती रही. इस नए ट्रीटमेंट के मिलने से धर्मवीर सिंह की हालत में सुधार होता गया. इससे मॉलिक्यूलर टेस्टिंग की महत्वपूर्ण भूमिका का पता चला ही, साथ ही ये भी पता चला कि कैंसर के खिलाफ लड़ाई में इसका योगदान कितना अहम है.

डॉक्टर रजत ने आगे बताया, ‘’ धर्मवीर सिंह के मामले में मॉलिक्यूलर टेस्टिंग ने हमें उनके इलाज को आनुवंशिक असामान्यताओं के अनुकूल बनाने में मदद की, जो धर्मवीर के कैंसर का मुख्य कारण थे. EGFR दोषों की पहचान करके हम टारगेटेड थेरेपी दे पाते हैं जो संभावित दुष्प्रभावों को कम करती है और इसका मरीज की सेहत के सुधार में लाभ मिलता है. ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में ये पर्सनलाइज्ड मेडिसिन की शक्ति को दर्शाता है.’’

मेडिकल ऑन्कोलॉजी और मॉलिक्यूलर टेस्टिंग में एडवांसमेंट से कैंसर के इलाज को नई ताकत मिली है और धर्मवीर सिंह जैसे मरीजों को जीवन की नई उम्मीद मिली है. ट्यूमर में विशिष्ट आनुवंशिक परिवर्तनों की पहचान करने की क्षमता के साथ, ऑन्कोलॉजिस्ट हर मरीज के लिए अच्छे से ट्रीटमेंट प्लान कर सकते हैं.

मैक्स हॉस्पिटल हमेशा से इस तरह की एडवांस तकनीक के जरिए मरीजों की सेवा में जुटा है और कैंसर जैसी घातक बीमारियों से लड़ने में सहयोग कर रहा है. अस्पताल के पास स्पेशलिस्ट कैंसर डॉक्टर, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, जेनेटिक स्पेशलिस्ट समेत तमाम अन्य एडवांस उपकरण हैं जिनकी मदद से यहां बेस्ट इलाज मुहैया कराया जाता है.

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